राजस्थान में किसानों-मजदूरों-छात्रों का 'जेल भरो आंदोलन'

विभिन्न मांगों को लेकर डूंगरपुर में सड़कों पर उतर कर नारेबाजी की, प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल

    11-Aug-2026
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rajasthan
डूंगरपुर, 10 अगस्त (वि.प्र.)
राजस्थान में साेमवार काे किसानाें- मजदूराें-छात्राें ने जेल भराे आंदाेलन किया. विभिन्न मांगाें काे लेकर डूंगरपुर में सड़काें पर उतर कर नारेबाजी की. प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हुई थी.
 
भूमि अधिकार-राेजगार, शिक्षा में गड़बड़ी से लेकर भ्रष्टाचार राेकने काे लेकर गुस्सा फूटा. राजस्थान के डूंगरपुर में साेमवार काे विभिन्न जनमुद्दाें काे लेकर बड़ा जेल भराे आंदाेलन किया गया. किसानाें, मजदूराें, विद्यार्थियाें, महिला कर्मियाें और आदिवासी समाज के लाेगाें ने अपनी मांगाें काे लेकर सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू समेत कई संगठनाें के संयुक्त आह्वान पर आयाेजित इस आंदाेलन में सैकड़ाें लाेगाें ने हिस्सा लिया और सामूहिक गिरफ्तारी दी. आंदाेलन की शुरुआत बादल महल राेड से हुई, जहां बड़ी संख्या में लाेग हाथाें में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे. रैली जिला मुख्यालय तक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियाें ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियाें ने वनाधिकार पट्टे, भूमि अधिकार, राेजगार, शिक्षा, किसान समस्याओं और महिला कर्मियाें की मांगाें काे लेकर अपनी आवाज बुलंद की.
 
आंदाेलन में वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत पात्र परिवाराें काे वनाधिकार पट्टे जारी करने की मांग प्रमुख रही.
प्रदर्शनकारियाें ने कहा कि कई आदिवासी परिवार लंबे समय से अपने अधिकाराें के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
इसके अलावा अनाम जमीन पर सालाें से काबिज गरीब और पात्र परिवाराें काे खातेदारी अधिकार देने की मांग भी उठाई गई. आंदाेलनकारियाें ने कहा कि भूमि अधिकार मिलने से हजाराें परिवाराें काे स्थायी सुरक्षा मिल सकेगी.
 
विद्यार्थी संगठनाें एसएफआई और डीवाईएफआई ने प्रतियाेगी एवं पात्रता परीक्षाओं में 40 प्रतिशत न्यूनतम अंकाें की बाध्यता खत्म करने की मांग की.
 
छात्र नेताओं का कहना है कि टीएसपी और आदिवासी क्षेत्राें के विद्यार्थियाें काे पहले से ही कई चुनाैतियाें का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अतिरिक्त न्यूनतम अंक की बाध्यता उनके अवसराें काे प्रभावित कर रही है.