792 बच्चों को गोद लेने के साथ महाराष्ट्र देश में नंबर वन

547 के आंकड़े के साथ गुजरात दूसरे तथा 501 के साथ तमिलनाडु तीसरे स्थान पर

    11-Aug-2026
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नई दिल्ली, 10 अगस्त (वि.प्र.)
792 बच्चाें काे गाेद लेने के साथ महाराष्ट्र देश में नंबर वन बन गया है. वहीं 547 के आंकड़ाेें के साथ गुजरात दूसरे तथा 501 के साथ तमिलनाडु तीसरे स्थान पर है.
पंजाब, हरियाणा तथा पं.बंगाल में गाेद लेने की रफ्तार में कमी देखी गयी है.
 
दक्षिण के राज्याें में गाेद लेने में दिलचस्पी बढ़ी, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने साेमवार काे लाेकसभा में पेश किए 2025- 26 के आंकड़ाें से यह जानकारी सामने आई है. देश में अनाथ और जरूरतमंद बच्चाें काे अपना नया घर और परिवार दिलाने की मुहिम में पिछले एक साल में काफी तेजी देखने काे मिली है.
 
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लाेकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़ाें के अनुसार, साल 2025-26 के दाैरान केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के माध्यम से देश भर में कुल 5,022 बच्चाें काे नया घर मिला है. यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 4,515 के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत ज्यादा है.राज्यवार आंकड़ाें पर नजर डालें ताे महाराष्ट्र लगातार दूसरे साल सबसे आगे बना हुआ है, जबकि गुजरात ने गाेद लेने की रफ्तार में सबकाे हैरान करते हुए साढ़े तीन गुना से भी ज्यादा की ऐतिहासिक बढ़ाेतरी दर्ज की है.
 
वर्ष 2025-26 में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा यानी 792 वे बच्चाें काे गाेद में लिया गया. इसके अलावा गुजरात में 547, तमिलनाडु में 501, कर्नाटक में 377 बच्चाें काे नया परिवार मिला है. वही तेलंगना में 307, यूपी में 231, मध्य प्रदेश में 221 और राजस्थान में 172 बच्चाें काे गाेद लिया गया है.सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि गाेद लेने की पूरी प्राेसेस काे अब ‘मिशन वात्सल्य पाेर्टल’ के तहत पूरी तरह से डिजिटलाइज कर दिया गया है.
 
काेर्ट के चक्कर काटने की जगह अब जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत डीएम काे सीधे अडाॅप्शन ऑर्डर जारी करने की पाॅवर दे दी गई है, जिससे सालाें तक लटकने वाले मामले अब चंद महीनाें में निपट रहे हैं.