यूपी में रेलवे भर्ती बोर्ड में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश !

सहायक लोको पायलट भर्ती के पदों से दोगुना का विज्ञापन जारी किया

    03-Sep-2026
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गाेरखपुर, 2 सितंबर (वि.प्र.)
यूपी मेें रेलवे भर्ती बाेर्ड में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है.सहायक लाेकाे पायलट भर्ती के पदाें से दाेगुना का विज्ञापन जारी किया. बड़े अधिकारीयाें की मदद से फर्जीवाड़ा किया, दस्तावेजाें के सत्यापन में भी हेराफेरी की गई.बिना आवेदन और परीक्षा के बेटाें काे नाैकरी देने का भी खुलासा हुआ है.अब सीबीआई शिकंजा कसने में जुटी है.
 
रेलवे भर्ती बाेर्ड गाेरखपुर में वर्ष 2018-19 में सहायक लाेकाे पायलट की भर्ती में कथित फर्जीवाड़े की जांच अब सीबीआई ने तेज कर दी है. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद लखनऊ की सीबीआई टीम ने गाेरखपुर पहुंचकर मामले की गहन विवेचना शुरू कर दी है. टीम रेलवे भर्ती बाेर्ड की विजिलेंस जांच रिपाेर्ट और संबंधित दस्तावेज अपने साथ ले गई है.अधिकारियाें और कर्मचारियाें से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं. मामला वर्ष 2018-19 में हुई सहायक लाेकाे पायलट भर्ती से जुड़ा है.आराेप है कि भर्ती के लिए रेलवे भर्ती बाेर्ड कार्यालय की ओर से दाेगुना विज्ञापन जारी किया गया.करीब 1681 अभ्यर्थियाें की परीक्षा के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई ताे पैनल तैयार करने से लेकर नियुक्ति तक कथित अनियमितताओं की परतें खुलने लगीं.
 
जांच के अनुसार, लिखित परीक्षा के बाद कथित ताैर पर कर्मचारियाें की मदद से पैनल तैयार करने, उसे जारी करने, मेडिकल और दस्तावेजाें के सत्यापन में हेराफेरी की गई. आराेप है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी मिलकर मनमाने तरीके से अभ्यर्थियाें के नाम पैनल में शामिल करते रहे.
 
मामला सामने आने के बाद रेलवे स्तर पर कार्रवाई भी हुई. रेलवे भर्ती बाेर्ड के तत्कालीन चेयरमैन पीके राय काे पद से हटाया गया और बाद में वह सेवामुक्त हाे चुके हैं.कार्यालय सहायक वरुण राज मिश्रा भी सेवामुक्त हाे चुके हैं. वहीं, विनय कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य कर्मचारियाें के खिलाफ जांच जारी बताई जा रही है. रेलवे भर्ती बाेर्ड में कथित भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद रेलवे बाेर्ड ने नवंबर 2022 में तत्कालीन चेयरमैन पीके राय काे हटा दिया था. हालांकि, आराेप है कि इसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियां पूरी तरह नहीं रुकीं.